- महाशिवरात्रि से पहले महाकाल दरबार में अंतरराष्ट्रीय पुष्प सज्जा की शुरुआत: 40 से अधिक विदेशी फूलों से सजेगा परिसर; बेंगलुरु से आए 200+ कलाकार तैयारियों में जुटे
- उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के विशेष पूजा-विधि: स्वस्ति वाचन के साथ खुले पट, राजा स्वरूप में सजा दरबार
- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
कालिदास समारोह:रामघाट पर कलश पूजन, महाकाल को प्रणाम कर निकाली कलश यात्रा
15 नवंबर से शुरू हो रहे अखिल भारतीय कालिदास समारोह के एक दिन पहले रविवार को परम्परागत कलश यात्रा निकाली गई। शिप्रा नदी के किनारे रामघाट पर कलशपूजन किया गया। कोरोना गाइडलाइन के चलते कलश यात्रा का मार्ग छोटा ही रखा गया था।
कालिदास समारोह के पहले निकलने वाली कलश यात्रा पिछले साल नहीं निकाली गई थी। इस बार भी कोरोना गाइडलाइन के चलते इसका रूट छोटा ही रखा गया। शिप्रा नदी के किनारे रामघाट पर मंगल कलश का पूजन किया गया। और भगवान महाकाल के दर्शन कर कालिदास अकादमी परिसर में कलश की स्थापना की गई।
कलश पूजन के बाद मालवी लोक कलाकारों ने ढोल और झांझ की थाप नृत्य करते हुए शहर में यात्रा निकाली। कलश यात्रा का उद्देश्य उज्जैन शहर के लोगों को अखिल भारतीय कालिदास समारोह में निमंत्रण देने के लिए भी होता है। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह आकर्षक रंगोलियां भी बनाई गई।
इस अवसर पर विधायक पारस जैन, विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडे, रूप पमनानी, अकादमी के प्रभारी निदेशक डॉक्टर संतोष पंड्या सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासकीय अधिकारी, समाजसेवी मौजूद थे। सोमवार 15 नवंबर से सात दिवसीय अखिल भारतीय कालिदास समारोह का शुभारंभ होगा। समारोह में देशभर के कला, संस्कृति और साहित्य से जुड़े कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।